कूल कूल स्कूल 🏫 राउंड राउंड बिग ग्राउंड।
इंटरवल का शोर , और घण्टे वाला साउंड।
आल टाईम घर पर होना है बिजी ।
घूमने की परमिशन नाट सो ईजी।
कहते सभी हैं ऐसा काम करो।
ममी-डैडी का नाम करो।
अपनी तो जैसे है ही नही लाईफ।
आज तक कुछ भी किया नही राईट।
स्टूडेंट्स की हिस्ट्री तुम्हें क्या बताऊँ।
कितनी टेंशन रहती है कैसे समझाऊँ।
बस्ता बड़ा भारी उसमें स्कूल दी किताब।
किस दिन क्या ले जावें वें लम्बा है हिसाब।
घर को बस है आती, बच्चा नू ले जाती।
जो बस ते न जावे, तेनू अंटी छोड़ने जाती।
सब घर से निकलते, स्कूल पहुचते
छोटे छोटे बच्चे, सारे रास्ते उछलते।
मैडम जी की डांट पडे तो ये सब जाते डर।
घर पे दिनभर मम्मी कहती बेटा काम कर।
ये किसको मनावें , ये किसे समझावें।
कुछ समझ न आवे बस काम करते जावें।
चार किलो का बस्ता उसमें चौदह ठों किताबे
पीठके ऊपर बस्ता लादे , थरमस टांगे आगे।
हर दिन रहती वही पढाई, वही रोज का ज्ञान।
कभी तो बकसो मैडम क्या लोगी नन्ही जान।
होमवर्क का प्रेशर इन पर क्लासवर्क है भारी
हर महिने के टेस्ट में करनी पडती है तैयारी।
नंबर अच्छे आते तो , मिलती मिल्की-बार।
वरना अगले टेस्ट तक सहते अत्याचार।
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