माथे तिलक निराला ।
कंठ पड़ी मोतियन की माला,
कंठ पड़ी मोतियन की माला,
ऐसो नंद का लाला ।
कान्हा कमर करधनी बांधै ,
पैरन घुंघरू साजै।
सांझ समय यमुना के तट पर,
सांझ समय यमुना के तट पर,
संग गोपियन के नाचै।
कोमल कमल अधर धरि बंसी,
मधुर धुन को बजावें।
ग्वाल बाल संग छुप-छुप के,
ग्वाल बाल संग छुप-छुप के,
मटकी से माखन खावें।
(कृष्ण जन्माष्टमी की बधाई - अंकित जायसवाल )
(कृष्ण जन्माष्टमी की बधाई - अंकित जायसवाल )



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