मै अकेला
भीड़ मेरे हर तरफ,
पर मै अकेला,
जानता हूँ ये जिंदगी, तन्हा है मुश्किल।
फिर भी जाने क्यों नही, लगता कहीं दिल।
रह रह कर बस खुद से खुद को, समझा लेता।
इस जहां में मै अभी, ठहरा अकेला।,
मै अकेला ।
खुद में ही रहता, खुद में ही सहता,
खुद ही गिरता, खुद सम्भलता ।
कौन है जिसके सहारे मै संवरता। ।
मै मेरी तन्हाई ही पर्याप्त है
क्यों लगाना फिर यहां औरों का मेला।
मै अकेला।
भीड़ है चारों तरफ
पर मै अकेला।
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